भागवत श्रवण से दिशा मिलती है एवं दिशा मिलने से दशा सुधरती है ।
इस घोर कलिकाल में मानव चहुँ ओर से चिंताओं से घिरा हुआ है तथा शोक संतप्त है, भौतिक दौड़ में इतना व्यस्त है कि अध्यात्मिक बोध से विमुख होने लगा है ऐसे में , परम पूजनीय पं० श्री राधेश्याम जी शास्त्री ने विचार किया कि कैसे थोड़े से प्रयास से मानव का कल्याण हो एवं लोगों में धर्म चेतना प्रवाहित की जा सके| इसी भावना एवं विचार से ओतप्रोत पूजनीय श्री शास्त्रीजी इसको साकार करने एवं मूर्तरूप देने के प्रयास में लग गये एवं श्री गिरिराज सेवा ट्रस्ट की स्थापना की | आज यह सेवा ट्रस्ट रूपी वृक्ष इतना गहन एवं वृहद हो गया है की मानव को आध्यात्म चिंतन एवं धर्म परायण रूपी फल देने लगा है | जगह जगह अष्टोत्तरशत श्रीमदभागवत कथा आयोजन कर ट्रस्ट ने भारत में अपना एक विशेष स्थान बनाया है | जिसके माध्यम से, न जाने कितने ही लोगों को जीवन में अंधकार से निकलकर, एक नई रोशनी मिली है |
Shri Madbhagwat Katha Mahotsav,
Date : 8th May to 14th May, 2014
Place : Vrindavan

Past Events

Shri Gita Jayanti Utsav and Shri Madbhagwat Katha Gyanyagya Mahotsav,
13th Dec, 2013 to 20th Dec, 2013

Place : Khatu Shyam Ji (Rajasthan)

26th Dec, 2013 to 1st Jan, 2014
Place: Guruvayur (Kerela)
Ashtottara (108)
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6th Jan, 2014 to 12th Jan, 2014
Place: Gorakhpur (UP)

18th Jan, 2014 to 24th Jan, 2014
Place: Rameswaram (Tamil Nadu)
Ashtottara (108)

2nd Feb, 2014 to 8th Feb, 2014
Place: Nagpur (Maharastra)
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